ॐ श्री विश्वकर्मा मंदिर सुथार समाज कल्याणपुर

श्री विश्वकर्मा मंदिर सुथार समाज कल्याणपुर , जिला- बालोतरा (राज.)

समाज के उत्थान, एकता और विकास के लिए समर्पित एक विश्वसनीय विश्वकर्मा मंदिर ट्रस्ट एवं छात्रवास

1500+

परिवार

100+

सामाजिक कार्यक्रम

35+

साल से सेवा में

संस्था का परिचय

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श्री विश्वकर्मा मंदिर कल्याणपुर क्षेत्र के 40 सुथार समाज के गांवों का मंदिर है, जो पिछले कई वर्षो से सामजिक कार्यो का केंद्र रहा है , सुथार समाज की यहाँ दो संस्थाए है, एक श्री विश्वकर्मा मंदिर ट्रस्ट जो राजस्थान के देवस्थान विभाग से पंजिकृत है एवं दूसरी श्री विश्वकर्मा छात्रावास एवं सुथार समाज समिति जो राजस्थान सहकारी विभाग से पंजीकृत है |

कल्याणपुर कस्बा बालोतरा जिले का पंचायत समिति एवं तहसील मुख्यालय है, जो जोधपुर से 60 किमी व बालोतरा से 40 किमी दूर जोधपुर - बाड़मेर हाइवे पर स्थित है, साथ ही बड़ा बाजार , बैंक , कॉलेज ,अस्तपताल जैसी आधारभूत सुविधाओं के मद्दे नजर समाज ने यहाँ अपना छात्रावास निर्माण करने का निर्णय लिया जो नागाणा , सितली तिराहे पर निर्माणाधीन है | समाज के कई भामाशाहो के सहयोग एवं कार्यकर्ताओ के अथक प्रयास से एक भव्य छात्रावास शीघ्र ही अपना मूर्त रूप लेगा, समाज के मेघावी छात्रों को यहाँ आवासीय व प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएँ उपलब्ध होगी|

यहाँ विश्वकर्मा जयंती, विश्वकर्मा पूजा दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाए जाते है , विश्वकर्मा जयंती पर भगवान श्री विश्वकर्मा की शोभायात्रा के साथ साथ हवन, यज्ञ आदि अनुष्ठानो का आयोजन किया जाता है, तो 17 सितम्बर को आदि शिल्पाचार्य भगवान विश्वकर्मा की पूजा एवं सरस्वती सम्मान जैसे कार्यकर्मो का आयोजन होता है, जिसमे समाज के छात्रों और नवनियुक्त कर्मचारियों को सम्मानित किया जाता है| हर अमावस को समाज की मासिक बैठक होती है जिसमे समाज की उन्नति के प्रयासों के साथ सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर विचार किया जाता है, क्षेत्र के सभी गाँवों में नशामुक्ति एवं मृत्युभोज का आयोजन पूर्णत बंद है|

हमारी भावी गतिविधियां एवं योजनाए

शैक्षिक सहायता

समाज की शैक्षिक गतिविधियाँ के अन्तर्गत छात्रों के शारीरिक बौद्धिक एवं सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के साथ साथ सामाजिक-भावनात्मक, सह-शैक्षिक कार्यक्रमों और सामुदायिक भागीदारी निभाने की प्रवृति को मजबूत बनाने एवं कृतव्य परायणता बनाने एवं मेघावी छात्रों को उन्नत शैक्षणिक सहायता के रूप में स्कॉलरशिप और पुस्तकें प्रदान करना जैसे प्रयास सम्मिलित है | ।

स्वास्थ्य शिविर

स्वस्थ समाज व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का आधार है, स्वस्थ समाज में रोगों का प्रसार कम होता है, उत्पादकता बढ़ती है और अपराध जैसी बुराइयाँ घटती हैं। इससे समग्र प्रगति, आर्थिक स्थिरता और सुखी जीवन सुनिश्चित होता है, अत: स्वाथ्य शिविरों का आयोजन कर समाज को जागरूक करना हमारी प्राथमिकता है |

सांस्कृतिक कार्यक्रम

किसी भी देश, समाज की पहचान उसकी संस्कृति पर टिकी होती है, जिसने अपनी संस्कृति खोई उसकी पहचान स्वत: ही नष्ट हो जाती है| इसमें सामाजिक परम्पराओं, रहन सहन, वेशभूषा ओर धार्मिक रीति -रिवाजों का अटूट सम्बन्ध होता है, इसको आधुनिकता के दौर में कुछ कुरीतियों का समन कर इसे अतीत के रूप में संवारना हमारी प्राथमिकता है |

लोग क्या कहते हैं

"सुथार समाज एक सरल, मिलनसार और परिश्रमी समाज है , किसी के साथ मिलजुल कर रहने में इसका स्वभाव दूध में घुलती मिश्री के समान है , आत्मीयता और स्वाभिमान दोनों इनके जीवन के स्तम्भ है | "

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